जल, जंगल और जमीन प्रकृति के इन्ही तत्वों पर पर्यावरण टिका हुआ है, लेकिन समय के साथ लगातार गिरता जलस्तर, घटता जंगल और अवैध खनन से पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है।प्रकृति का यह चक्र बिगड़ने के कारण ही पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। वनों की बेरहमी से कटाई से ग्लोबल वार्मिग बढ़ रही है। शहरों का दबाव, बढ़ती जनसंख्या के साथ तीव्र विकास की लालसा हरियाली से वंचित करती जा रही है। वायु प्रदूषण बढ़ाते...
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शासकीय स्वामी विवेकानंद डिग्री कालेज पाटनदेव में मंगलवार को दोपहर से 20 मार्च को दो दिवसीय अर्थशास्त्र का विकास और पर्यावरण के मुद्दे विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं ने अर्थशास्त्र की नीति के अनुसार सांख्यिकी मुद्रा स्फीति और शेयर बाजार के उतार चढ़ाव के बारे में बताया। वहीं अर्थशास्त्र के विकास और तेजी से बिगड़ते पर्यावरण को सुधारने पर्यावरणविद और पर्यावरण प्रेमी प्रकृति...
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स्थित भाऊराव देवरस सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण पर गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर छात्रों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के बारे में बताया। गोष्ठी का आयोजन प्रकृति एवं पर्यावरण संदेश संस्था की ओर से किया गया। इस मौके पर दिव्या प्रेम सेवा समिति मिशन के संस्थापक आशीष भारद्वाज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। इसे हमें व्यक्तिगत...
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विश्व पर्यावरण दिवस। एक महत्वपूर्ण दिन, यह हमें अपने अस्तित्व के आधार का स्मरण कराता है। जीवन का आधार प्रकृति और पर्यावरण ही तो हंै। लेकिन सृष्टि की यह विरासत संकट में है। भारत यानी दुनिया की 18 फीसदी विशाल आबादी और धरती का सिर्फ 2.4 प्रतिशत हिस्सा। संकेत साफ हैं। प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों पर चौतरफा दबाव बढ़ रहा है। हरियाली की कीमत पर ही तो हो रहा है अंधाधुंध विकास।आजादी के बाद से अब तक 53 लाख...
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वर्ष का पहला दिन हो, और ठंड न के बराबर हो, चलें तो पसीना निकल आए। इसे क्या कहेंगे? प्रकृति का बिगड़ा मिजाज या फिर पर्यावरण से हमलोगों द्वारा किए जा रहे खिलवाड़ का नतीजा। पहली जनवरी को कोलकाता या यूं कहे दक्षिण बंगाल में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के पार था, जो पिछले 11 वर्षो की तुलना में कई डिग्री अधिक रहा। जिंदगी की पूरी परिकल्पना को प्रकृति और पर्यावरण की उपेक्षा खतरे में डाल सकती है। जिस तरह...
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प्रकृति महिला विकास केंद्र की ओर से पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सहयोग से गांव की" />प्रकृति महिला विकास केंद्र की ओर से पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सहयोग से गांव की">प्रकृति महिला विकास केंद्र की ओर से पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के सहयोग से गांव की प्राकृतिक संपदा को सहेजने कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिसमें ग्रामीणों को स्थानीय संसाधन के निरंतर घटने से सामने आ रही समस्याओं के बारे में सचेत किया गया।...
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जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ी, हम खुद अपने और प्रकृति दोनों को लेकर संवेदनशील होने लगे हैं। हम यह जानने लगे हैं कि प्रकृति के बिना हम कुछ भी नहीं हैं। हमारे कर्म के हर हिस्से में प्रकृति का तार गहरे तक बुना हुआ है। हम क्या पहनते हैं, खाते या पीते हैं और हम अपनी त्वचा पर क्या लगाते हैं, यह सब प्रकृति-प्रदत्त ही होता है। यदि आप कुछ ऐसी चीजों का प्रयोग कर रहे हैं, जो प्राकृतिक और ऑर्गेनिक हैं तो ये पर्यावरण...
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पश्चिम बंगाल की नई सरकार राज्य में पर्यावरण की सुरक्षा को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने जा रही है. सरकार ने पर्यावरण की हालत को और खराब होने से रोकने और सुधार के लिए कदम उठाने के वास्ते एक नीति बनाने की कवायद शुरू की है.सरकार कई स्तरों पर काम करने की योजना बना रही है. इसके तहत उद्योगों और अन्य तरीकों से होने वाले प्रदूषणों को खत्म के साथ साथ ऐसी तकनीक विकसित करने पर जोर दिया जाएगा जिससे पर्यावरण की...
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पणजी । तेजी से खत्म होते जा रहे प्रकृति के सफाईकर्मी कहे जाने वाले गिद्धों के बचने की आस जगी है। देश के तीन स्थानों पर बने प्रजनन केन्द्रों में 30 नवजात गिद्ध तैयार हो गए हैं, जिन्हें वर्ष 2014 में सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय देश में तीन स्थानों पर गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र बनाने की योजना पर भी काम कर रहा है। पर्यावरण मंत्रालय ने गुवाहाटी के रानी, हरियाणा के पिंजौर और पश्चिम...
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कुमारी विद्यावती आनंद डीएवी महिला महाविद्यालय में वनस्पति विभाग की ओर से पर्यावरण जागरुकता विषय पर विस्तार भाषण का आयोजन किया गया। पंजाब विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डा. डेजी बातिश ने जैव विविधता और उसके संरक्षण विषय पर छात्राओं को जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को पर्यावरण परिवर्तन के जैव विविधता पर प्रभाव के विषय में बताया। डा. बातिश ने कहा कि जब से हमने प्रकृति का आंचल छोड़ा है, पेड़ों को काटकर कंकरीट...
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