|
के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक यानी कैग द्वारा संसद में पेश की गई रिपोर्ट ने केंद्र सरकार की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं। सरकार अभी तो टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले के आरोपों से ठीक से उबर भी नहीं पाई थी कि कैग ने कोयला घोटाला निकाल दिया। यह घोटाला 1.86 लाख करोड़ रुपए का बताया जाता है। इसी प्रकार पॉवर और सिविल एविएशन मंत्रलयों के हजारों करोड़ के घोटाले भी सामने आ गए हैं। कैग का कहना है कि कोयले की खानें...
|