| द्वि-ध्रुवीय राजनीति कांग्रेस और भाजपा को कुछ ज्यादा ही रास आने लगी है और वे चाहती हैं कि राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी की जय-जयकारों के बीच 2014 का लोकसभा चुनाव का मुकाबला मुख्य रूप से उन दोनों के ही बीच सिमटा रहे। एक ओर से ‘हिंदुत्व के विकास का बवंडर’ उठे, तो दूसरी ओर से ‘धर्मनिरपेक्ष भ्रष्टाचार की काली आंधी’ और देश का सब कुछ उनके हवाले हो जाए।ऐसे में नरेंद्र मोदी को कम से कम इस बात के लिए तो धन्यवाद... |