| बारिश तो सामान्य लग रही थी, लेकिन जब हमने पहाडिय़ों के बीच नदी उफनते देखी तब हमें बड़ी अनहोनी का अहसास हुआ। लगा मौत पीछे आ रही है। बस फिर क्या था, हम अपनी बस में सवार होकर केदारनाथ से रवाना हो गए। पहाडिय़ां लांघते समय रास्ते में कई जगह सड़क पर चट्टानें गिरीं। गाडिय़ां नदी में बहती दिखीं। होटल और मकान भी तैरते नजर आए। लेकिन भगवान केदारनाथ की ही यह कृपा थी कि हम बच गए। उत्तराखंड के केदारनाथ में बाढ़ का... |