| शरीर, मन और आत्मा में से मनुष्य जितना अधिक आत्मा के निकट होता है, यह संसार उतना ही अधिक उसके लिए सरल हो जाता है। जो अपनी आत्मा को जान लेगा, उसके लिए दुनिया प्रकाशमान हो जाती है। आत्मा को जानने का अर्थ क्या होता है, इसमें बड़े-बड़े उलझ जाते हैं। सीधी-सी परिभाषा यह है कि जिन क्षणों में हम विचारशून्य होते हैं, उतने समय हम आत्मा के निकट होते हैं। विचार संसार लेकर आते हैं, संसार उलझन लेकर चलता है और इसी... |