| जितनी जोर-शोर से अभियान शुरू किया गया था, उतने ही शान्त तरीके से यह कहीं गायब हो गया। यदि पहले ही सब कुछ तयशुदा योजना के अनुसार चलता, तो सम्भवत: झाँसी प्रदेश का पहला महानगर होता, जिसके पीछे पूरा प्रदेश चलता दिखाई देता। लेकिन उदासीनता आड़े आ गई।बात हो रही है बिना हेल्मिट, टेढ़ी-मेढ़ी नम्बर प्लेट्स, लाल-नीली बत्ती, प्रेशर हॉर्न युक्त वाहनों तथा सड़क पर खड़े होकर सवारियों को भरने वाले वाहनों के खिला़फ शुरू... |