| सकते हैं, जो जरूरत के वक्त आपसे मिले इस तोहफे के दम पर नया जीवन पाकर उम्र भर आपके ऋणी रहेंगे।‘रक्तदान’ को ‘महादान’ कहा गया है, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में लोगों की मौत समय पर खून न मिलने के कारण हो रही है।बहुत से लोग रक्तदान के महत्व को समझते हैं और अब तक 111 बार रक्तदान कर चुके महाराष्ट्र के चालीसगांव निवासी दीपक शुक्ला ऐसे लोगों में अग्रणी हैं। उन्होंने नेत्रदान और अंगदान का भी संकल्प लिया है। अपने... |